
अंतरराज्ययी वाहन गीरोह को पकडणे मे पोलीस koसफलता
अंतरराष्टीय वाहन चोर गिरोह 2)62 दोपहिया वाहन जब्त, 3)ऑनलाइन गेम व जुआ खेलने के शौकीन पांच सदस्य पकड़ा आंतरराष्ट्रीय वाहन चोर को पोलीस को पकडणे मे सफलता मिली है जिसमे पोलीस ने 62 दोपहिया वाहन जब्त किये है! नागपूर . दोपहिया वाहनों की चोरी में सक्रिय अंतरराज्यीय स्तर का बड़ा गिरोह पुलिस के हत्थे चढ़ा है। मोटर मैकेनिक बंधुओं सहित गिरोह के 5 सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। गिरोह से चोरी के 62 वाहन जब्त किए गए हैं। गिरोह द्वारा ऑनलाइन गेम, जुआ और मौज-मस्ती करने के लिए वाहन चुराने की जानकारी शनिवार को पत्र परिषद में क्राइम ब्रांच के उपायुक्त राहुल माखनीकर और जोन-5 के उपायुक्त निकेतन कदम ने दी। गिरफ्तार गिरोह के सदस्य आकाश किशोर खोब्रागड़े (25), उसके मित्र आकाश संपतलाल परतेकी (27), मयंक उर्फ क्रिश विनोद बारीक (19), तीनों भंडारा जिले की तुमसर तहसील के सीतासावंगी और दीपक बाइक रिपेयरिंग वर्क्स के संचालक मोटर मैकेनिक दीपक द्वारकाप्रसाद बिजांडे (24) और उसका भाई विजय उर्फ गोलू (34), तुमसर निवासी है।यहां से चुराए थे बताया गया कि, तीनों आरोपियों को ऑनलाइन गेम और जुआ खेलने का शौक है, इसलिए वे कर्जे में डूबे थे। अपना शौक पूरा करने के लिए आरोपी नागपुर आकर मेट्रो स्टेशन, बाजार और अन्य भीड़ वाले स्थानों से दोपहिया वाहन चुराते थे। इसके लिए उन्होंने ‘मास्टर की’ बनवाई थी। उन्होंने 26 दिसंबर 2024 को भिलगांव से प्रज्वल भिमटे (25), पवन नगर और खसाड़ा निवासी अर्पण मेश्राम (22) का दोपहिया वाहन ऑटोमोटिव चौक स्थित मेट्रो स्टेशन की पार्किंग से उड़ाया था। इसी तरह यशोधरा नगर थाना क्षेत्र से 2, सदर से 6, कपिल नगर से 3, जरीपटका से 3, लकड़गंज से 3, कोराडी, नंदनवन, गणेशपेठ, कामठी और तहसील से 1-1 वाहन चुराया। रामटेक और कन्हान से 11, भंड़ारा, गोदिंया से 24 वाहन और मध्य प्रदेश से भी वाहन चुराए हैं। आरोपियों ने सात माह के भीतर कुल 62 वाहन चुराए हैं। यह भी पढ़े -जिले में 19,085 लाभार्थियों को मिले मकान के मंजूरी पत्र, हजारों लाभार्थियों ने भाग लिया 200 सीसीटीवी खंगाले बडे पैमाने पर लगातार हो रही वाहन चोरी को लेकर पुलिस ने शहर के करीब 200 सीसीटीवी को खंगाला। शुक्रवार को क्राइम ब्रांच की यूनिट-5 की टीम को गुप्त सूचना मिली कि, फुटेज में दिख रहा आरेपी महाराजबाग रोड पर है। टीम ने जाल बिछाकर उसे धर दबोचा। थाने लाकर पूछताछ करने पर उसने अपने बाकी साथियों के नाम उगल दिए। पश्चात उसकी निशानदेही पर उन्हें भी पकड़ा गया। वाहन और चेसिस नंबर बदलकर बेच देते थे आरोपी वाहन नंबर और चेसिस नंबर बदलकर बेच देते थे। बेचने के लिए वाहन बिजांडे बंधुओं को दिए जाते थे। वाहन बेचने के बाद पैसों का आपस में बंटवारा करते थे। आरोपियों के कब्जे से 62 वाहन, 2 मास्टर की, 4 मोबाइल, ऐसा कुल 20.45 लाख रुपए का माल जब्त किया गया है। जांच जारी है।
